IMPORTANT FESTIVAL OF RESPECT AND WORSHIP OF GODDESS SHAKTI

नवरात्रि - देवी दुर्गा का उत्सव

hindu deity with gold crown
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नवरात्रि: देवी दुर्गा का आदर और शक्ति का प्रतीक
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नवरात्रि का आयोजन पुराणों और महाभारत के अनुसार किया जाता है और इसका पालन धर्मिक और आध्यात्मिक महत्व के कारण किया जाता है। नवरात्रि का प्रमुख उद्देश्य माँ दुर्गा की शक्ति का आदर करना है।

नवरात्रि का वर्णन महात्म्य में है। मार्कंडेय पुराण में "देवी महात्म्य" या "दुर्गा सप्तशती" में लिखा गया है। ये ग्रंथ देवी दुर्गा के महत्व, शक्ति और विजय के कथाओं का संग्रह है।नवरात्रि के महत्व एवं माता रानी के प्रति भक्ति और श्रद्धा की विशेष रूप से इस ग्रंथ में वर्णन किया गया है। इसमे देवी दुर्गा के रूप का वर्णन भी किया गया है, जिन्हे नवरात्रि के नौ दिनों तक पूजा जाता है।
नवरात्रि के इन नौ दिनों के दौरान, हम अपनी अंतरात्मा की ओर बढ़ने के लिए पूरी भक्ति और श्रद्धा से पूजा करते हैं, जो की हमारे मानसिक और आध्यात्मिक विकास में सहायक होता है। यह त्योहार हमें संकटों से निकालने और धर्म का पालन करने में सहायता करते है।

नवरात्रि का उत्सव भारतीय सांस्कृतिक धार्मिक पर्वों में से एक है और यह देवी दुर्गा की पूजा के रूप में मनाया जाता है। नवरात्रि का शब्दिक अर्थ होता है, 'नौ रातें' 'नव' का अर्थ है 'नौ' और 'रात्रि' का अर्थ है 'रात', और इसे 9 दिनों तक मनाया जाता है. यह पर्व आश्विन मास के शुक्ल पक्ष के प्रतिपदा तिथि से शुरू होकर नवमी तक चलता है। नवरात्रि, भारत में विविध रूप और रंगों में मनई जाति है, और यह त्यौहार संस्कृति और परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। , हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण त्यौहार है।इसको देवी दुर्गा की पूजा और उनकी विजय के लिए मनाया जाता है।

यह पुराणों में वर्णित है कि ब्रह्मा, विष्णु, और महेश, यानी त्रिमूर्ति, ने माँ दुर्गा की प्राप्ति के लिए अपनी शक्तियों को जमा किया था और उन्होंने उन्हें एक अत्यंत प्रचंड रूप में प्रकट किया था। माँ दुर्गा ने उन असुरों का विनाश किया, जिन्होंने धरती पर अत्याचार किया था।
नवरात्रि का त्योहार आदि शक्ति, यानी माँ दुर्गा की आराधना के रूप में मनाया जाता है।
देवी विशेष रूप से उन बुराइयों को सिमित करती हैं जो दुनिया में व्याप्त हैं।इस त्यौहार के दिनो, लोग पूजा, भजन, कीर्तन, आरती, और दान-पुण्य का फल उठाते हैं।

नवरात्रि का आयोजन मुख्य रूप से देवी दुर्गा के जीवन कथा पर आधारित है, जिसमें माँ दुर्गा ने देवी महाकाली, माँ चामुण्डा के रूप में असुरों का वध किया। नवरात्रि के नौ दिनों में भगवान शिव ने भी अपनी पत्नी, दुर्गा माँ की पूजा की थी, और इसलिए इसे देवी पूजा के रूप में मनाने की परंपरा है।

नवरात्रि के इन नौ दिनों में हम विभिन्न देवियों की पूजा करते हैं, जैसे माँ शैलपुत्री, माँ ब्रह्मचारिणी, माँ चंद्रघंटा, माँ कूष्माण्डा, माँ स्कंदमाता, माँ कात्यायनी, माँ कालरात्रि, माँ महागौरी, और माँ सिद्धिदात्री की। यह नौ दिन नौ अलग-अलग देवियों की पूजा के साथ ही भगवान शिव और श्रीकृष्ण की पूजा भी की जाती हैं।



नवरात्रि का मुख्य उद्देश्य मां दुर्गा की पूजा और उनकी आराधना करना है। इन दिनों में देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है, जिन्हें नवदुर्गा के नाम से भी जाना जाता है। ये नौ रूप हैं:


1-शैलपुत्री -
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पहले दिन मां की शैलपुत्री रूप की पूजा की जाती है। इन्हें आदिशक्ति का प्रतीक माना जाता है, और इस दिन उनकी आराधना की जाती है।


2-ब्रह्मचारिणी -
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दूसरे दिन मां दुर्गा के दूसरे रूप, ब्रह्मचारिणी, की पूजा की जाती है। वह संन्यासिन रूप होती है, जो तपस्या और व्रत का पालन करती हैं।


3-चंद्रघंटा -
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तीसरे दिन चंद्रघंटा रूप की पूजा की जाती है। इनके नाम का अर्थ होता है 'चंद्र' और 'घंटा', जो शांति और सुरक्षा का प्रतीक है।


4-कूष्माण्डा -
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चौथे दिन कूष्माण्डा रूप की पूजा की जाती है। वे निष्काम क्रिया का पालन करती हैं, और सृष्टि बनाने वाली देवी के रूप में पूजी जाती हैं।


5-स्कंदमाता -
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पांचवे दिन स्कंदमाता रूप की पूजा की जाती है, जिन्हें सुब्रह्मण्य की माता के रूप में जाना जाता है।


6-कात्यायनी -
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छठे दिन कात्यायनी रूप की पूजा की जाती है। वे भगवान विष्णु की पत्नी हैं, और उनकी आराधना की जाती है।


7-कालरात्रि -
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सातवें दिन कालरात्रि रूप की पूजा की जाती है। वे दुर्गा के भयंकर रूप की प्रतिष्ठा हैं, और इनकी आराधना से भय और संकट से मुक्ति मिलती है।


8-महागौरी -
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आठवें दिन महागौरी रूप की पूजा की जाती है, जो अत्यंत पवित्र और शुद्ध स्वरूप की प्रतिष्ठा है।


9-सिद्धिदात्री -
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नौवें दिन सिद्धिदात्री रूप की पूजा की जाती है, जो सर्व शक्तिमान हैं और सर्व सिद्धियों की प्रदात्री हैं।


नवरात्रि का उद्देश्य मां दुर्गा की पूजा करके उनकी कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करना है। यह उत्सव शक्ति की पूजा का महत्वपूर्ण पर्व है, जिसके द्वारा भक्त अपने जीवन को धर्मिकता, साहस, और नैतिकता से भरते हैं।

नवरात्रि का त्यौहार 9 रातों तक मनाया जाता है, और हर दिन एक नया रूप और रंग का होता है। इन दिनो, लोग खुशियाँ और रंगों में लिपटकर रात को डांडिया और गरबा के नाम से प्रसिद्ध नृत्य करते हैं। इसके अलावा, देवी दुर्गा के अलग-अलग अवतारों की मूर्तियाँ मंदिरों में स्थापित की जाती हैं और उनकी पूजा की जाती है।
नवरात्रि के दिनों में मंदिरों में देवी दुर्गा की पूजा की जाती है, जिसमें कुमकुम, सिन्दूर, पुष्प, भोग, और धूप दिया जाता है। प्रसाद में खीर, पूरी, चना, हलवा और मीठा होता है।

नवरात्रि के आखिरी दिन को "विजयदशमी" या "दशहरा" के रूप में मनाया जाता है। इस दिन रावण का वध किया गया था, जैसे भगवान राम ने किया था, इसलिए यह भी एक महत्वपूर्ण दिन है।

नवरात्रि एक ऐसा त्यौहार है जो भक्ति, संस्कृति और परंपरा का प्रतिनिधित्व करता है। ये उत्सव धार्मिकता को जीवित रखता है, और लोगों को सामाजिक एकता, और प्रेम की भावनाओं को बढ़ावा देने में मदद करता है। नवरात्रि की शुभकामनाएँ!




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